राजनीतिक पार्टी के छात्र विंग की सदस्यता उम्मीदवार को डूसू चुनाव में अयोग्य नहीं बनाती: दिल्ली हाई कोर्ट

Spread the love

नई दिल्ली, 16 सितंबर । दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि किसी राजनीतिक पार्टी के छात्र विंग का सदस्य होने के कारण दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (डूसू) चुनाव के उम्मीदवार को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने डूसू चुनावों से जुड़े लिंगदोह कमेटी के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाने वाली याचिका का निस्तारण करते हुए ये बात कही।

याचिका में डूसू के चल रहे चुनावों को चुनौती दी गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि डूसू चुनावों से जुड़े लिंगदोह कमेटी के नियमों का उल्लंघन किया गया है। खासकर उस नियम का जिसमें राजनीतिक पार्टियों के शामिल न होने की बात कही गई थी।

याचिका दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा विजेता ने दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि यूनिवर्सिटी चुनाव के दौरान उच्चतम न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया गया है जिसमें कहा गया था कि चुनाव राजनीतिक दल के प्रभाव से मुक्त होना चाहिए। याचिका में डूसू चुनाव में न्यायिक हस्तक्षेप करने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि डूसू का चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के आधार पर होना चाहिए। याचिका में लिंगदोह कमेटी की अनुशंसाओं की धारा 6.3 का जिक्र किया गया है जिसमें छात्र संघों में राजनीतिक दलों से प्रतिनिधित्व रोकने की बात कही गई थी।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि एनएसयूआई, एबीवीपी, एएसएपी, एसएफआई, आईसा जैसे संगठनों ने पैनल जारी किया और डूसू चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की। डूसू चुनाव में इस तरह का राजनीतिक समर्थन लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का उल्लंघन है।