ग्राम रोजगार सहायकों का कहना है कि मानदेय न मिलने के कारण उनके परिवारों को विपरीत परिस्थितियों में जीवन यापन करना पड़ रहा है। इस आर्थिक तंगी के चलते रोजगार सहायकों को बच्चों की स्कूल फीस, मकान किराया, लोन की किस्तें और मेडिकल व्यय जैसे दैनिक खर्चों को पूरा करने में भारी परेशानी हो रही है। संघ के अध्यक्ष चंद्रशेखर कुशवाहा ने बताया कि चार माह से वेतन न मिलने के कारण रोजगार सहायकों ने रक्षाबंधन और दीपावली जैसे त्योहार भी दयनीय स्थिति में मनाए हैं। इस स्थिति से रोजगार सहायक और उनके परिवार मानसिक पीड़ा से गुजर रहे हैं।