शिमला, 20 अगस्त । राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने वीरवार को लोक भवन में जनगणना-2027 के दूसरे चरण के अंतर्गत अपनी स्व-गणना प्रक्रिया पूरी की। जनगणना संचालन निदेशालय, हिमाचल प्रदेश की निदेशक दीप शिखा शर्मा ने राज्यपाल को जनगणना प्रक्रिया के अंतर्गत पूछे जाने वाले 40 प्रश्नों की जानकारी दी। उन्होंने जनगणना के सामाजिक और आर्थिक महत्व तथा विकास योजनाओं और नीतियां तैयार करने में इसकी भूमिका के बारे में अवगत करवाया।
राज्यपाल ने प्रदेश की जनता से जनगणना-2027 के दूसरे चरण के तहत बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना 1 से 30 सितंबर, 2026 तक पूरी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों के आधार पर सही विकास नीतियां और कल्याणकारी योजनाएं तैयार करने के लिए जनगणना महत्त्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि बर्फ वाले क्षेत्रों के लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 17 से 31 अगस्त, 2026 तक डिजिटल स्व-गणना की विशेष सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
राज्यपाल ने लोगों से इस आधिकारिक स्व-गणना सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने और 31 अगस्त तक अपने तथा अपने परिवार से संबंधित पूरी और सही जानकारी उपलब्ध करवाने का आग्रह किया।
उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि जब जनगणना कर्मचारी उनके घर आएं, तो उनका सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और सहयोग महत्त्वपूर्ण होगा।