सरकार खुदरा महंगाई की गणना में ई-कॉमर्स, ऑनलाइन स्रोतों को करेगी शामिल

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सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने मंगलवार को नई दिल्‍ली के भारत मंडपम में सीपीआई, जीडीपी और आईआईपी के आधार में वर्ष संशोधन पर दूसरी परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन, नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन के. बेरी और मंत्रालय के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग, सचिव, एन. के. संतोषी, महानिदेशक (केंद्रीय सांख्यिकी), उद्योग, शिक्षा जगत, अनुसंधान संस्थानों और नीति निर्माण निकायों के अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

मंत्रालय ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में नए आंकड़ा स्रोतों को शामिल करने के संबंध में कहा कि वर्तमान श्रृंखला में भौतिक दुकानों से एकत्र किए जा रहे आंकड़ों के अतिरिक्त 25 लाख से अधिक आबादी वाले 12 चयनित शहरों में ई-कॉमर्स मंच से भी कीमत आंकड़े प्राप्त की जाएंगी। रेल किराया के लिए रेलवे, ईंधन की कीमतों के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय और डाक शुल्क के लिए डाक विभाग के साथ समन्वय में प्रशासनिक आंकड़े प्राप्त करने के भी प्रयास किए जाएंगे।

एमओएसपीआई ने बताया कि हवाई किराये, दूरसंचार सेवाओं और ओटीटी (ओवर द टॉप) मंच के लिए, वेब-आधारित तरीकों का उपयोग करके ऑनलाइन स्रोतों से मूल्य आंकड़े संकलित करने का प्रस्ताव है। मंत्रालय के अनुसार इन वैकल्पिक और डिजिटल डेटा स्रोतों को अपनाने से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की प्रतिनिधित्व क्षमता, विश्वसनीयता, सटीकता और समग्र गुणवत्ता में काफी सुधार होने की उम्मीद है। जीडीपी आधार वर्ष संशोधन से नए आंकड़ों के स्रोतों को शामिल करने और संकलन प्रक्रिया कार्यप्रणालीगत सुधारों, मानकों और वर्गीकरणों के अनुरूप बनाने में भी सुविधा होगी।

सीपीआई, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की गणना के लिए आधार वर्षों को संशोधित करने की प्रक्रिया में है। केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2022-23 को आधार वर्ष मानकर राष्ट्रीय लेखा संबंधी आंकड़े 27 फरवरी को जारी करेगी, जबकि 2022-23 को आधार वर्ष मानते हुए आईआईपी की नई श्रृंखला के आंकड़े 28 मई को जारी होंगे।