जबलपुर, 03 अक्टूबर । कटंगी थाना क्षेत्र की बेलखाडू चौकी अंतर्गत माल बाबा मंदिर के सामने संचालित अश्विनी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान 19 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ग्राम झगरा निवासी जगदीश चौधरी के बेटे शेखर चौधरी को पेट दर्द और बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था। परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि दवा देने के कुछ देर बाद ही उसके मुंह से झाग निकलने लगा और देखते ही देखते उसकी हालत बिगड़ गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गलत उपचार और गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है।
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार देर रात शेखर को सामान्य बुखार और पेट दर्द की शिकायत थी। उसे उपचार के लिए बेलखाडू स्थित अश्विनी हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां कंपाउन्डर ने इंजेक्शन लगाने के बाद उसे घर भेज दिया। शनिवार सुबह दाेबारा परेशानी हाेने पर परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। परिजनाें का आरोप है कि सुबह प्राथमिक उपचार और दवा दिए जाने के बाद अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर में उसके मुंह से झाग निकलने लगा और वह बेसुध होकर गिर पड़ा। परिजनों के मुताबिक, चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, युवक की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने पनागर के सीबीएमओ डॉ. श्रीपति मिश्रा को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल में उपचार से संबंधित दस्तावेज, दवाओं और अन्य चिकित्सकीय तथ्यों की जांच करेगी। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने अश्विनी हॉस्पिटल को सील करने की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अस्पताल का संचालन डॉ. सरिता साहू द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस से भी समन्वय किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में उपचार में लापरवाही, नियमों का उल्लंघन या अवैध रूप से चिकित्सा केंद्र संचालित किए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है।