हरियाणा में मिले दस हजार नए टीबी रोगी

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चंडीगढ़, 08 मई । हरियाणा सरकार द्वारा 24 मार्च 2026 से शुरू किए गए 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान (फेज-2) की 30 दिन के भीतर अब तक दस हजार 978 नए टीबी मरीजों की पहचान की जा चुकी है। इस अभियान के दौरान टीबी रोगियों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों और सक्रिय केस खोज की तकनीकी को अपनाया गया।

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि ‘टीबी मुक्त हरियाणा’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब राज्य की रणनीति केवल मरीजों के सामने आने का इंतजार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में जाकर लक्षण रहित लोगों की भी जांच की जा रही है, ताकि छिपे हुए मामलों की समय रहते पहचान हो सके। उन्होंने बताया कि एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें दूरदराज क्षेत्रों में तुरंत जांच की सुविधा दे रही हैं। ‘कफ अगेंस्ट टीबी’ ऐप खांसी की आवाज का विश्लेषण कर संभावित मरीजों की पहचान करने में मदद कर रहा है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ.आर.एस. ढिल्लों ने बताया कि इस अभियान की सफलता में जनभागीदारी की अहम भूमिका रही है। 65 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स को ‘चलती-फिरती लैब’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। जियोस्पेशियल तकनीक के माध्यम से 2,111 संवेदनशील गांवों और वार्डों की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने उक्त अभियान के तहत 24 मार्च से 5 मई 2026 तक कुल 1620 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें से 938 उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में लगाए गए। इसी प्रकार 1,81,221 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, 49,953 एनएएटी टेस्ट किए गए ,10,978 नए टीबी मरीजों की पहचान की गई। उक्त अवधि में 335 नए निक्षय मित्र पंजीकृत किए गए जबकि 8502 पोषण किट वितरित की गई हैं।