इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ से पहले कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, शिक्षा-रोजगार और आरक्षण पर सरकार से जवाब मांगा

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इंदौर, 18 सितंबर । मध्य प्रदेश के इंदाैर शहर में शनिवार, 19 सितंबर को होने वाले कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले शुक्रवार को पार्टी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिक्षा, रोजगार, भर्ती, आरक्षण और विश्वविद्यालयों से जुड़े मुद्दे उठाए। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि युवाओं से जुड़े सवालों पर व्यापक चर्चा की जरूरत है। कार्यक्रम में राहुल गांधी के शामिल होने की बात कांग्रेस नेताओं ने कही।

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जिम्मेदारी छात्रों की शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवालों का समाधान करना है। उन्होंने दावा किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र अपनी समस्याएं उठा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हरीश चौधरी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में भी युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाता रहा है। उनके मुताबिक शिक्षा व्यवस्था में सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रमुख विषय होने चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस प्रभारीहरीश चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अपनी टिप्पणी में कहा, “संविधान ने प्रधानमंत्री बनाया है, राजा नहीं।” उन्होंने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से युवाओं के अधिकारों, शिक्षा और रोजगार से जुड़े सवालों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मध्यप्रदेश के छात्रों से कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी समस्याएं रखने की अपील की।

जीतू पटवारी बोले- मुद्दा राजनीतिक दलों से बड़ा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कार्यक्रम की अनुमति को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कुछ अड़चनें सामने आई थीं, लेकिन कांग्रेस इसे विवाद का विषय नहीं बनाना चाहती। उन्होंने कहा कि युवाओं की शिक्षा और भविष्य से जुड़े सवाल किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं हैं और इन्हें व्यापक राष्ट्रहित के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

पटवारी ने कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार को लेकर गंभीर चर्चा की आवश्यकता बताई। उन्होंने इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) की जमीन की कीमतों से जुड़े मुद्दे का भी उल्लेख किया और कहा कि आम लोगों को सुविधाओं के लिए नेताओं के दौरे या घोषणाओं पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

शिक्षा बजट और रिक्त पदों का मुद्दा उठाया

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश के वर्ष 2026-27 के बजट का हवाला देते हुए दावा किया कि स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए करीब 4 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान है, जो उनके अनुसार कुल बजट का लगभग 0.96 प्रतिशत है। उन्होंने शोध और अनुसंधान के लिए बजट प्रावधानों को लेकर भी सवाल उठाए। सिंघार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों और बैकलॉग की भर्तियों का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि बड़ी संख्या में पद खाली हैं और कई भर्तियां लंबित हैं। उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की।

27% ओबीसी आरक्षण पर सरकार से जवाब की मांग

सिंघार ने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि आरक्षण लागू होने के बावजूद युवाओं को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने सरकार से आरक्षण से जुड़े मामलों की स्थिति स्पष्ट करने और युवाओं को उनके अधिकारों का लाभ सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 19 सितंबर का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद का मंच होगा। कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, भर्ती और सामाजिक प्रतिनिधित्व से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाए जाने की बात कही गई।