महंगाई और बाढ़ राहत को लेकर दीपक बैज ने सरकार पर साधा निशाना

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जगदलपुर, 2 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में महंगाई और बस्तर में बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी से गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

बैज ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में व्यावसायिक सिलेंडर के दाम लगातार बढ़े हैं। उनके अनुसार, पिछले नौ माह में व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत में करीब 1,270 रुपये की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि गैस के दाम बढ़ने का असर होटल, रेस्टोरेंट और बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी पड़ेगा। साथ ही औद्योगिक उत्पादन की लागत बढ़ने से विभिन्न उत्पादों के दाम बढ़ने की आशंका है।

उन्होंने पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस की कीमतों का उल्लेख करते हुए कहा कि महंगाई का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। बैज ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई के कारण गरीब और मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव में है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बस्तर दौरे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान सरकार की ओर से पर्याप्त राहत उपलब्ध नहीं कराई गई। बैज ने कहा कि राहत शिविरों से घर लौटे कई परिवारों के पास भोजन बनाने के लिए राशन, गैस और लकड़ी तक उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि सामाजिक संगठनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था की।

बैज ने कहा कि बस्तर संभाग लगातार दूसरे वर्ष बाढ़ से प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का दौरा महज औपचारिकता बनकर रह गया और बाढ़ से प्रभावित लोगों की समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बाढ़ में हुई मौतों का उल्लेख करते हुए प्रभावित परिवारों के लिए विशेष सहायता की मांग की।

उन्होंने ओडिशा की ओर से बांध से पानी छोड़े जाने को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि इससे बाढ़ की स्थिति बिगड़ने का आरोप है। बैज ने मांग की कि इस पूरे मामले में प्रभावित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए।

दीपक बैज ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत राशि बढ़ाने सहित कई मांगें सरकार के सामने रखीं। उन्होंने कहा कि पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए वर्तमान सहायता अपर्याप्त है और इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 1 लाख रुपये किया जाना चाहिए।

उन्होंने फसल क्षति के लिए प्रति एकड़ 65,100 रुपये मुआवजा देने, प्रभावित किसानों का कर्ज माफ करने और पशुधन की क्षति का बाजार मूल्य के आधार पर मुआवजा देने की मांग की। इसके अलावा बाढ़ में नष्ट हुए टीवी, फ्रिज, बेड सहित घरेलू सामान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग भी की।

बैज ने प्रभावित परिवारों को दो माह का अतिरिक्त राशन एकमुश्त उपलब्ध कराने, बच्चों को कॉपी-किताब और स्कूल बैग देने तथा आवश्यक दस्तावेज बनवाने के लिए शिविर लगाने की मांग की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमण की रोकथाम के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों के शिविर लगाने और पूरे बस्तर संभाग के पुल-पुलियों तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं के पुनर्निर्माण के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करने की मांग की।

प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदु, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य, ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, प्रवक्ता जावेद खान, महामंत्री अभिषेक नायडू, अनुराग महतो, रविशंकर तिवारी और नीतीश शर्मा सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।