आश्वासन समिति ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी रिपोर्ट, इमरजेंसी सेल बनाने की अनुशंसा

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रांची, 12 अगस्त । झारखंड विधानसभा की सरकारी आश्वासन समिति ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो को तीन महत्वपूर्ण रिपोर्ट सौंपीं। समिति के सभापति अरूप चटर्जी के नेतृत्व में सदस्यों ने 50वीं, 51वीं और 52वीं रिपोर्ट की प्रतियां विधानसभा अध्यक्ष को पेश कीं। इस दौरान समिति के सदस्य कुमार उज्ज्वल, ममता देवी और उदय शंकर सिंह मौजूद रहे।

समिति की रिपोर्ट में वर्ष 2010 से अब तक लंबित सरकारी आश्वासनों की स्थिति का विस्तृत उल्लेख किया गया है। आश्वासनों के निष्पादन को लेकर विभागीय एवं समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं और उनकी कार्रवाई की स्थिति की भी जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कुल चार प्रमुख अनुशंसाएं की गई हैं।

समिति ने कहा कि लंबित सरकारी आश्वासनों के क्रियान्वयन में विभागीय अधिकारियों को गंभीरता दिखानी चाहिए। सरकार को भी इसकी नियमित समीक्षा और जानकारी लेनी चाहिए। समिति ने कहा कि लंबित आश्वासनों का समय पर निष्पादन सीधे जनहित से जुड़ा है। इसलिए सरकार को इस दिशा में विशेष ध्यान देना चाहिए।

समिति ने लंबित आश्वासनों के क्रियान्वयन के लिए अलग से इमरजेंसी सेल गठित करने की अनुशंसा की है। साथ ही, विभागीय अधिकारियों को समिति की बैठकों में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

रिपोर्ट में शिक्षा विभाग से जुड़े कई लंबित मामलों के निष्पादन की जानकारी भी दी गई है। झरिया के जामाडोबा स्थित उर्दू मध्य विद्यालय में पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था कर दी गई है। इससे विद्यार्थियों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध हो रहा है। प्राथमिक शिक्षकों के अंतर-जिला स्थानांतरण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से कई शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है।

जामताड़ा स्थित वेटरनरी कॉलेज से जुड़े लंबित मामले में भी आवश्यक कार्रवाई पूरी किए जाने की जानकारी समिति ने दी है। समिति ने कहा कि सरकार सदन में दिए गए आश्वासनों को पूरा करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

सरकारी आश्वासन समिति अब तक कुल 14 बैठकें कर चुकी है। इनमें आठ विभागीय और छह समीक्षात्मक बैठकें शामिल हैं। इन बैठकों में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ लंबित मामलों की समीक्षा की गई और उनके शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया गया।

समिति के सभापति अरूप चटर्जी ने कहा कि समिति के समक्ष लंबित आश्वासनों की लंबी सूची थी। अधिकारियों के सहयोग से अधिकांश आश्वासनों के क्रियान्वयन का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी आश्वासनों का समयबद्ध क्रियान्वयन जरूरी है।

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