एचडीओ, सीड वेरिफिकेशन ऑफिसर सहित रिक्त पदों को जल्द भरने तथा हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
में टीए, एसटीए और अन्य तकनीकी पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की गई।
इसके अलावा विद्यालयों में कक्षा 12वीं तक कृषि विषय और प्रशिक्षित कृषि शिक्षकों की
के सभी 20 विकास खंडों में एडीओ फार्म इम्प्लीमेंट्स के पद स्वीकृत करने और 3 अगस्त
2022 से लंबित 89 पदों के प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। साथ ही बीटेक
एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग को संबंधित पदों के लिए मान्य शैक्षणिक योग्यता बनाने, कृषि
अभियांत्रिकी का अलग निदेशालय स्थापित करने तथा कृषि विज्ञान केंद्रों और विश्वविद्यालय
के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्रों में आवश्यक पद स्वीकृत करने की मांग रखी गई।
लुवास के शोधार्थियों के वर्तमान 9 हजार रुपये मासिक वजीफे में बढ़ोतरी की मांग की
गई। ज्ञापन में एमवीएससी शोधार्थियों के लिए 25 हजार और पीएचडी शोधार्थियों के लिए
30 हजार रुपये प्रतिमाह वजीफा निर्धारित करने अथवा इसके पुनरीक्षण के लिए समिति गठित
एफआरओ, डीडीएफ सहित संबंधित पदों की भर्ती नियमावली में संशोधन कर चार वर्षीय बीएफएससी
डिग्री को अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता बनाने तथा चयन परीक्षाओं में मत्स्य विज्ञान विषय
रोहित बिश्नोई, डॉ. अरविंद, डॉ. पुलकित, ऋषिपाल और शिवम पांडेय सहित अन्य कार्यकर्ता
मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने से कृषि एवं संबद्ध
क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए रोजगार और शैक्षणिक अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।