सहरसा, 11 सितंबर ।शहर के सभी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी यूएफबीयू के बैनर तले शुक्रवार को बैंक ऑफ इंडिया मुख्य शाखा के नीचे एक दिवसीय हड़ताल को मद्देनजर रखते हुए एकत्र हुए। तथा सरकार की असमान पीएलआई नीति एवं पांच दिवसीय बैंकिंग के लिए आवाज बुलंद किया। इस एक दिवसीय हड़ताल तथा शनिवार, रविवार के कारण सभी बैंक कुल तीन दिनों तक बंद रहे, जिस कारण लगभग चार सौ करोड़ से ऊपर का कारोबार प्रभावित हुआ। सुबह से ही सभी बैंक कर्मी एकजुट होकर सार्वजनिक तथा निजी बैंकों को बंद कराते दिखे।मुख्य मांग 5 दिवसीय बैंकिंग को अविलंब लागू करने एवं असमान पी एल आई नीति का विरोध शामिल है।
कार्यक्रम के दौरान बैंक कर्मचारी लक्ष्मण कुमार एवं मुकुंद झा ने बताया कि अखिल भारतीय स्तर पर सभी बैंक यूनियन सभी बैंकों के सभी श्रेणी के स्टाफ अधिकारी एवं कर्मचारी संभाग के कर्मियों ने एक सूत्री मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। वहीं भारत सरकार के वित्त मंत्रालय एवं संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन प्रेषित किया गया ।
उन्होंने बताया कि देश के अन्य राज्यों की तरह बिहार में भी सप्ताह के 5 दिन की बैंक कार्य प्रणाली चलाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों के ऊपर काम का बोझ अत्यधिक रहने के कारण उन्हें मानसिक तनाव की पीड़ा से गुजरना पड़ता है। ऐसे में सप्ताह के पांच दिवसीय कार्य पद्धति किए जाने की मांग की। इस अवसर पर बडी संख्या में बैंक कर्मचारी यूनियन के सदस्यों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर बैंक ऑफ़ इंडिया मुकुंद झा, मो अशरफ़,अर्चना कुमारी,कुमार लक्ष्मण, मंटू कुमार,रूपाली पाठक,इंडियन बैंक बाबुल सिंह, यूनियन बैंक राहुल राज, पवन मिश्रा,गुलाब कुमार सहित अन्य बैंक कर्मी शामिल रहे।