चंडीगढ़, 23 जुलाई । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर त्वरित जांच कराने और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द सजा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे पर युवाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरुवार काे रोहतक एमडीयू में मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के सुरक्षित भविष्य को सर्वोपरि मानते हुए नीट पेपर लीक मामले सहित अन्य मामलों में कड़ा संज्ञान लिया है, जब कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस विषय पर संसद में चर्चा करने को तैयार नहीं है। विपक्ष के पास इस मामले में कोई सकारात्मक सुझाव है तो वह भी उन्हें केंद्र सरकार को देना चाहिए। यूपीए सरकार में भी पेपर लीक के अनेक मामले सामने आए थे लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। विगत सरकार ने शिक्षा का बजट केवल 8225 करोड़ रुपए निर्धारित किया था, जब कि वर्तमान केंद्र सरकार ने इसे बढ़ाकर एक लाख 39 हजार करोड़ रुपए कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने पड़ोसी राज्य पंजाब का हवाला देते हुए बताया कि वहां एक प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम में गलत नामों के परीक्षार्थियों का चयन कर कैसे उन्हें पास कर दिया गया, जिस रिजल्ट पर हाई कोर्ट ने अब रोक लगा दी है। इसके विपरीत हरियाणा सरकार ने राज्य में पिछले साढे 11 सालों के दौरान बिना खर्ची और बिना पर्ची के एक लाख 83 हजार युवाओं को नौकरी दी है। कांग्रेस सरकार के समय 86 हजार युवाओं को नौकरी दी गई थी। सरकार ने परीक्षाओं की पवित्रता को बनाए रखने के लिए हरियाणा लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण विधेयक 2021 पारित किया है, जिसमें दो से दस साल तक की सजा का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी दलों को छात्रों की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए, न कि भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई सुझाव हैं तो उन्हें संसद में रखकर सार्थक चर्चा करनी चाहिए, ताकि परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। इस मौके पर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, भाजपा जिलाध्यक्ष रणबीर ढाका, शिक्षा बोर्ड के चेयरमेन शंकर लाल धूपड़ आदि उपस्थित रहे।