उत्पादन स्वरोजगार और आय बढ़ाने का एक अच्छा माध्यम बन सकता है। प्रशिक्षण संयोजक डॉ.
सतीश मेहता ने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और इससे संबंधित सरकारी
योजनाओं की जानकारी दी। डॉ. राकेश कुमार चुघ ने मशरूम उत्पादन से होने वाली संभावित
आय के बारे में बताया, जबकि डॉ. संदीप भाकर ने विभिन्न अनुदान योजनाओं की जानकारी दी।
डॉ. जगदीप सिंह ने मशरूम उत्पादन की तकनीकों तथा विक्रम सिंह ने इस क्षेत्र में अपनाए
इसी प्रकार डॉ. विकास कुमार कम्बोज ने मशरूम उत्पादन के बाद बचने वाले स्पेंट
कम्पोस्ट के उपयोग और डॉ. प्रकाश बानेकर ने सूत्रकृमि प्रबंधन के बारे में जानकारी
दी। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. विकास हुड्डा, डॉ. भूपेन्द्र सिंह और डॉ. डीके शर्मा ने
भी विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र
वितरित किए गए। उन्हें प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों का उपयोग करते हुए छोटे स्तर
से मशरूम उत्पादन शुरू करने और इसे स्वरोजगार के साधन के रूप में विकसित करने के लिए