नई दिल्ली, 27 जुलाई । केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के लिए पहला पदक जीतने वाले पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार को सोमवार को अपने आवास पर सम्मानित किया। खेल मंत्री ने उन्हें 10 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की। पैरा पावरलिफ्टर ने ग्लासगो में पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में 190 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ भार उठाकर कांस्य पदक जीता था।
सम्मान समारोह के बाद पैरा पावरलिफ्टर कुमार ने कहा कि वह रविवार देर रात दिल्ली पहुंचे थे और उतरते ही उन्हें संदेश मिला कि खेल मंत्री उनसे मिलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “खेल मंत्री मांडविया ने स्कॉटलैंड में मेरे अनुभव के बारे में पूछा और एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लिए प्रेरित किया। मैं देश का नाम रोशन करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा।”
बिहार के नालंदा जिले के हरनौत कस्बे से आने वाले झंडू कुमार का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। परिवार की मदद के लिए उन्होंने कभी सब्जियां बेचीं तो कभी ई-रिक्शा चलाया। जून 2023 में मुख्य पैरा कोच राजेंद्र रहलू ने उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के गांधीनगर राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में प्रशिक्षण के लिए चुना, जिसके बाद उनके करियर ने नई उड़ान भरी।
उनकी उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर उन्हें बधाई दी थी। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा था कि झंडू कुमार ने राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतकर भारत का पदक खाता खोला है और उनका प्रदर्शन साहस, दृढ़ संकल्प तथा वर्षों की मेहनत का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री के संदेश का जिक्र करते हुए पैरा पावरलिफ्टर ने कहा, “जब प्रधानमंत्री ने मेरी उपलब्धि पर पोस्ट किया तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए। ग्लासगो में अन्य देशों के खिलाड़ियों ने भी कहा कि किसी देश के प्रधानमंत्री का कांस्य पदक विजेता के लिए इस तरह संदेश देना बहुत बड़ी बात है। इससे मुझे बेहद गर्व महसूस हुआ। पदक जीतने के बाद से लगातार बधाइयों के कारण मैं ठीक से सो भी नहीं पाया हूं। मेरा मानना है कि खिलाड़ियों को मिल रहे इस तरह के प्रोत्साहन की वजह से भारतीय खेल लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं।”
29 वर्षीय झंडू कुमार ने इससे पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2024 में रजत और 2025 में स्वर्ण पदक जीता था। अब उनका अगला लक्ष्य 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई पैरा खेल हैं।
उन्होंने कहा, “देश के शीर्ष नेतृत्व से मिलने वाला यह समर्थन खिलाड़ियों का मनोबल कई गुना बढ़ा देता है। मैं कुछ समय के लिए अपने घर जाकर परिवार से मिलूंगा और फिर गांधीनगर लौटकर एशियाई पैरा खेलों की तैयारी शुरू करूंगा। चीन के खिलाड़ी मजबूत प्रतिद्वंद्वी हैं, लेकिन मैं भारत के लिए पदक जीतने की पूरी कोशिश करूंगा।”