यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में चमकेगा बांदा का शजर पत्थर और बुंदेली स्वाद

Spread the love

बांदा, 23 सितंबर । बुंदेलखंड की कला, शिल्प और पारंपरिक स्वाद को अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने जा रही है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में बांदा के शजर पत्थर से निर्मित हस्तशिल्प के साथ ही पारंपरिक मिठाइयों, खाद्य उत्पादों और युवा उद्यमियों के उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे। जिले के चयनित कारीगर और उद्यमी वैश्विक बाजार में अपनी प्रतिभा और उत्पादों की पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।

शजर स्टोन के दो स्टाल आकर्षण का केंद्र

एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत बांदा के शजर स्टोन को विशेष पहचान मिली है। ट्रेड शो में शजर पत्थर से तैयार कलाकृतियों के दो स्टाल लगाए जाएंगे। ओडीओपी श्रेणी में द्वारिका प्रसाद सोनी और अर्जुन गुप्ता का चयन किया गया है। दोनों उद्यमी केन नदी के तट पर मिलने वाले दुर्लभ शजर पत्थर से तैयार आकर्षक हस्तशिल्प और कलाकृतियों का प्रदर्शन करेंगे। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए शजर स्टोन से बने उत्पाद खास आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है।

बुंदेली मिठाइयों का भी दिखेगा स्वाद

ट्रेड शो में बांदा के पारंपरिक खानपान को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी है। ओडीओसी श्रेणी के तहत दीपक सोनी बांदा की प्रसिद्ध बालूशाही और सोहन हलुआ का स्टाल लगाएंगे। वहीं एमएसएमई श्रेणी से कमल आहूजा अपने बेकरी उत्पादों के माध्यम से जिले के आधुनिक खाद्य कारोबार का प्रतिनिधित्व करेंगे।

युवा उद्यमी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत चयनित रवी नगाइच और शिवम कुशवाहा भी ट्रेड शो में भाग लेकर अपने उत्पाद और उद्यम का प्रदर्शन करेंगे। इस तरह जिले के हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद और नए उद्यमों को एक ही मंच पर अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।

नए बाजार और निर्यात की उम्मीद

उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त सुधीर श्रीवास्तव के अनुसार, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो बांदा के स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। शजर उद्योग से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से संपर्क बढ़ने के साथ नए व्यापारिक अवसर और निर्यात के रास्ते खुलेंगे। वहीं पारंपरिक बुंदेली व्यंजनों और युवा उद्यमियों के उत्पादों को भी व्यापक बाजार मिलने की संभावना है।

सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को मिल रहा यह मंच बांदा के पारंपरिक हुनर को जिले की सीमाओं से बाहर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ट्रेड शो में बांदा की भागीदारी से ‘शजर की चमक और बुंदेली स्वाद’ को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है।