पूर्वांचल में रेल नेटवर्क मजबूत करने के लिए सात प्रमुख कॉरिडोर पर काम जारी: वैष्णव

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नई दिल्ली, 31 अगस्त । रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश, खासकर पूर्वांचल में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दोहरी रेल लाइनों वाले सात प्रमुख रेल नेटवर्क को तीसरी और चौथी लाइन से मजबूत किया जा रहा है। वैष्णव ने यह बात नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड के आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण कार्य के शुभारंभ के अवसर पर वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

करीब 730 करोड़ रुपये की लागत से 56.15 किलोमीटर लंबे नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड को मीटरगेज से ब्रॉडगेज में परिवर्तित करने के साथ इसका विद्युतीकरण किया गया है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल, बहराइच के सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड और अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

वैष्णव ने कहा कि नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड के ब्रॉडगेज में परिवर्तित होने से यह देश के व्यापक ब्रॉडगेज रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। इससे बहराइच, रिसिया, मटेरा, नानपारा, बाबागंज और नेपालगंज रोड की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में रेल संपर्क बढ़ाने के लिए चार मौजूदा ट्रेन सेवाओं का विस्तार नेपालगंज रोड तक किया गया है। इनमें वाराणसी-बहराइच एक्सप्रेस, वाराणसी सिटी-गोरखपुर एक्सप्रेस तथा दो जोड़ी गोंडा-बहराइच ट्रेन सेवाएं शामिल हैं। इससे नेपालगंज रोड और आसपास के यात्रियों को गोंडा, गोरखपुर, वाराणसी और अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सुविधा मिलेगी।

रेल मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी से प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। उन्होंने बताया कि हाई-स्पीड रेल के जरिए दिल्ली से आगरा की यात्रा 58 मिनट, दिल्ली से कानपुर एक घंटा 45 मिनट, दिल्ली से लखनऊ दो घंटे 12 मिनट और दिल्ली से प्रयागराज करीब तीन घंटे में पूरी की जा सकेगी। दिल्ली से वाराणसी की यात्रा करीब साढ़े तीन घंटे में पूरी होगी।

उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित कनेक्टिविटी को आगे पटना तक बढ़ाया जाएगा। इससे दिल्ली से पटना की करीब 1,170 किलोमीटर की दूरी लगभग साढ़े चार घंटे में तय की जा सकेगी। वैष्णव ने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के प्रमुख शहरों के बीच आवागमन के समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।

कार्यक्रम की शुरुआत नेपाल में हाल में आई बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखा। वैष्णव ने नेपाल में प्राकृतिक आपदा पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत और नेपाल के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंध हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सरकार नेपाल को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने बताया कि रेलवे नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों से बचाए गए यात्रियों को भारत लाने और उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए विशेष कोच तथा अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। रेलवे बोर्ड, रेलवे जोन, जिला एवं राज्य प्रशासन और विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर प्रभावित यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में जुटा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नेपाल की प्राकृतिक आपदा पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड का शुभारंभ और चार ट्रेन सेवाओं का विस्तार क्षेत्र के लोगों के दशकों पुराने सपने के पूरा होने जैसा है।