रेलवे विकास परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए सांसद ने दिया निर्देश

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पश्चिमी सिंहभूम, 06 जून । रेलवे विकास परियोजनाओं को गति देने और राज्य सरकार के सहयोग एवं समन्वय से लंबित मामलों के समाधान के उद्देश्य से शनिवार को चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम कॉन्फ्रेंस हॉल में एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी, चक्रधरपुर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम), पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार, चक्रधरपुर रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में सिंहभूम संसदीय क्षेत्र के विभिन्न रेलवे लेवल क्रॉसिंगों पर प्रस्तावित, स्वीकृत और निर्माणाधीन रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से मनोहरपुर रेलवे यार्ड, सिंहपोखरिया-झिंकपानी खंड, झिंकपानी-तलाबुरू खंड, तलाबुरू-केंदपोसी खंड सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर बनने वाले आरओबी परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

समीक्षा के दौरान भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृतियां, विभिन्न उपयोगिता सेवाओं के स्थानांतरण, पहुंच मार्गों के निर्माण और अन्य प्रशासनिक बाधाओं की वर्तमान स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य प्रमुख सड़कों पर स्थित रेलवे फाटकों से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई। रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज निर्माण, सड़क संपर्क व्यवस्था में सुधार, यातायात बाधाओं को दूर करने तथा रेलवे क्रॉसिंगों पर सुरक्षा बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से विचार किया गया।

सांसद जोबा माझी ने बैठक के दौरान स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, किसानों और दैनिक यात्रियों की ओर से उठाई जा रही समस्याओं को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि आरओबी परियोजनाओं में हो रही देरी से लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने और रेल एवं सड़क यातायात को सुचारू बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

चक्रधरपुर मंडल रेल प्रबंधक तरुण हूरिया ने आश्वस्त किया कि रेल मंडल सभी रेलवे परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। वहीं जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों ने भी भूमि अधिग्रहण, आवश्यक स्वीकृतियों और विभागीय समन्वय से जुड़े लंबित मामलों के समाधान में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।