गोरखपुर के सांसद और मशहूर अभिनेता रवि किशन ने कहा कि विपक्ष के दल महिलाओं को आगे बढ़ता नहीं देखना चाहते। महिला आरक्षण बिल यदि संसद में नहीं गिरता तो यह महिलाओं को आगे लाने का काम करता, लेकिन विरोधी दलों के लोग ऐसा नहीं चाहते। विपक्ष की महिला-विरोधी मानसिकता उजागर हो गयी है।
बलिया में भगवान परशुराम जयंती समारोह में आए रवि किशन ने रविवार को देर रात महर्षि भृगु मंदिर परिसर के सभा मंच पर और फिर मीडिया के लोगों से बातचीत में भी कहा कि देश के परिवारवाद वाले दलों ने इस संविधान संशोधन विधेयक का विरोध किया है। श्री किशन ने कहा कि यह बहुत स्पष्ट बात है कि संविधान संशोधन बिल का विरोध उन लोगों ने किया जो देश में परिवारवाद की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहते हैं। जिन्हें डर है कि अगर महिलाएं आगे आईं तो उनका वर्चस्व खत्म हो जाएगा। यह भाजपा के विरोधी दलों की पुरुष-प्रधान मानसिकता का उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने इसी सोच को तोड़ने की कोशिश की है। जबकि अब समय आ गया है कि महिलाओं को सिर्फ चूल्हा-चौका तक सीमित न रख कर उनकी सहाभागिता समाज के हर क्षेत्र में हो।
इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र आदि थे।