नूंह, 09 सितंबर । जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके घर के नजदीक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्वास्थ्य परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उपायुक्त अखिल पिलानी ने बुधवार काे बताया कि नूंह के पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में 155.49 करोड़ रुपये की लागत से 100 बेड क्षमता वाले जिला सामान्य अस्पताल (डीसीएच) का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा इस परियोजना का शिलान्यास किया जा चुका है।
उपायुक्त ने बताया कि जिला सामान्य अस्पताल के निर्माण से नागरिकों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इससे जिले में चिकित्सा सेवाओं को और मजबूती मिलेगी तथा मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम होगी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत कई गांवों में नए उप-स्वास्थ्य केंद्र भवनों का निर्माण किया जाएगा। गांव अडबर में 60 लाख रुपये, छारोड़ा में 79 लाख रुपये, कंकर खेड़ी (खेरली नूंह) में 64 लाख रुपये, नई में 69 लाख रुपये, सिरोली में 61 लाख रुपये तथा इंडरी में 63 लाख रुपये की लागत से उप-स्वास्थ्य केंद्रों के भवन बनाए जाएंगे।
उपायुक्त के अनुसार गांव पढ़ेनी में 50 लाख रुपये और पिनगवां में 62 लाख रुपये की लागत से ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) भवनों का भी निर्माण किया जाएगा। इन इकाइयों से स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन एवं निगरानी को मजबूत करने के साथ विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने जलालपुर फिरोजपुर, कोलगांव और खवाजली कलां में नए उप-स्वास्थ्य केंद्र खोलने की सैद्धांतिक मंजूरी भी प्रदान की है। इन केंद्रों के शुरू होने से ग्रामीणों को गांव स्तर पर नियमित स्वास्थ्य जांच, प्राथमिक उपचार, गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं की देखभाल, टीकाकरण सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं घर के नजदीक मिलेंगी। इससे बड़े स्वास्थ्य संस्थानों पर मरीजों का दबाव भी कम होगा। प्रदेश सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है।