सौरभ भारद्वाज के विरुद्ध मानहानि केस में परवेश वर्मा को सोशल मीडिया साक्ष्य सुरक्षित रखने का निर्देश

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नई दिल्ली, 01 सितंबर । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के मंत्री परवेश वर्मा को निर्देश दिया है कि वो आम आदमी पार्टी के दिल्ली के संयोजक सौरभ भारद्वाज के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि से संबंधित सोशल मीडिया और डिजिटल साक्ष्य के साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं करने का अंतरिम आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।

मंगलवार को परवेश वर्मा की ओर से दाखिल शिकायत पर संज्ञान लेने के मामले पर सौरभ भारद्वाज की ओर से दलीलें रखी गईं। सौरभ भारद्वाज की ओर से पेश वकील रजत भारद्वाज ने अर्जी दाखिल कर कहा कि इस मामले से जुड़े सोशल मीडिया के डाटा और डिजिटल साक्ष्य का संरक्षण जरूरी है। इस पर कोर्ट ने परवेश वर्मा को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। तब सौरभ भारद्वाज की ओर से कहा गया कि जवाब दाखिल करने तक शिकायतकर्ता की ओर डिजिटल साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है, इसलिए इस पर अंतरिम आदेश दिया जाए। इसका परवेश वर्मा की ओर से पेश वकील प्रवीण कुमार ने विरोध करते हुए कहा कि अगर आज भी आदेश चाहिए था तो याचिका की प्रति अग्रिम रुप से दी जानी चाहिए थी। उसके बाद कोर्ट ने कहा कि सभी डिजिटल साक्ष्य शिकायतकर्ता के कब्जे में है इसलिए उनके संरक्षण का अंतरिम आदेश जारी किया जाता है। कोर्ट ने मेटा और एक्स को भी सही डिजिटल साक्ष्य संरक्षित रखने का आदेश दिया।

इसके पहले कोर्ट ने 8 अगस्त को सौरभ भारद्वाज को नोटिस जारी किया था। परवेश वर्मा ने 4 जुलाई को अपना बयान दर्ज कराया था। परवेश वर्मा ने अपने बयान में कहा था कि सौरभ भारद्वाज ने उनके और उनके परिवार की छवि को खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाए। सौरभ भारद्वाज ने झूठा आरोप लगाया था कि परवेश वर्मा ने बतौर मंत्री अपने पद का गलत इस्तेमाल कर अपने कथित सहयोगी को लगभग पांच सौ करोड़ रुपये के एक निजी स्कूल ट्रस्ट में ट्रस्टी नियुक्त किया।

परवेश वर्मा ने आपराधिक मानहानि याचिका में कहा है कि सौरभ भारद्वाज ने 15 एवं 16 मई को उन्हें बदनाम करने की नीयत से सोशल मीडिया पोस्ट किया। याचिका में कहा गया है कि सौरभ भारद्वाज ने झूठा आरोप लगाया था कि परवेश वर्मा ने बतौर मंत्री अपने पद का गलत इस्तेमाल कर अपने कथित सहयोगी को लगभग पांच सौ करोड़ रुपये के एक निजी स्कूल ट्रस्ट में ट्रस्टी नियुक्त किया।

इसी मामले में परवेश वर्मा ने सौरभ भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में दीवानी मानहानि का केस दायर किया है। उच्च न्यायालय में दाखिल दीवानी मानहानि याचिका में परवेश वर्मा ने सौरभ भारद्वाज से पांच करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।