जयपुर, 01 सितंबर । एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 ने पांच साल पुराने रिश्वत से जुडे मामले में बांदीकुई थाने की तत्कालीन एएसआई ललिता शर्मा को तीन साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पीठासीन अधिकारी राजेश दडिया ने अभियुक्त पर दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मंजुला जैन ने अदालत को बताया कि अलवर के रैणी निवासी हरिओम शर्मा ने 12 मार्च, 2021 को एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया कि बांदीकुई थाना इलाके में उसकी मोटरसाइकिल की दुर्घटना हो गई थी। इसके बाद थाने में तैनात तत्कालीन एएसआई ललिता शर्मा दुर्घटनाग्रस्त हुई मोटरसाइकिल को छोडऩे तथा दुर्घटना करने वाले वाहन को जब्त करने की एवज में रिश्वत राशि की मांग कर रही हैं। शिकायत का सत्यापन करने पर एएसआई की ओर से दो हजार रुपए की रिश्वत मांगने और सत्यापन के दौरान पांच सौ रुपए लेने की पुष्टि हुई। इसके बाद ट्रेप कार्रवाई की गई। वहीं बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि कार्रवाई के दौरान फैनोफ्थान पाउडर लगी पन्द्रह सौ रुपए की रिश्वत राशि उसके कब्ज से नहीं मिली। जिससे साबित है कि उसने रिश्वत नहीं ली थी। इसका जवाब देते हुए अभियोजन पक्ष ने कहा कि भले की ट्रेप के समय रिश्वत राशि बरामद नहीं हो, लेकिन सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग और आंशिक राशि स्वीकार करना प्रमाणित है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त को सजा और जुर्माने से दंडित किया है।