भागलपुर, 01 सितंबर । जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत राघोपुर में गंगा नदी का रौद्र रूप लगातार तबाही मचा रहा है। नदी के भीषण कटाव के कारण पुराना ऐतिहासिक चैती दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर देखते ही देखते गंगा की तेज धार में समा गए। जिस स्थान पर वर्षों से हजारों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी थी, वहां अब सिर्फ गंगा की उफनती हुई धारा नजर आ रही है।
मंदिर के भरभराकर नदी में समाने का मंजर इतना भयानक था कि मौके पर मौजूद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही सेकंड के भीतर मंदिर का पूरा ढांचा जमीन समेत गंगा की लहरों में विलीन हो गया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर इलाके के लोग सहमे हुए हैं।
कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए मंगलवार को भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे तुरंत राहत दल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रभावित इलाके का बारीकी से निरीक्षण किया और जल संसाधन विभाग और स्थानीय अधिकारियों से कटाव निरोधी कार्यों तथा राहत-बचाव अभियान की विस्तृत जानकारी ली।
डीएम ने कहा कि कटाव से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों और ऊंचे इलाकों में शिफ्ट किया जा रहा है। जिन लोगों के मकान फिलहाल कटाव की जद में हैं, उनसे लगातार सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की जा रही है। प्रशासन की टीम चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि राघोपुर में गंगा की तेज धारा के कारण कटाव का खतरा थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रहे भू-कटाव की वजह से स्थानीय ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। लोगों को डर है कि अगर कटाव की रफ्तार यही रही, तो जल्द ही कई और आशियाने जमींदोज हो जाएंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटाव निरोधी कार्य में और तेजी लाने की मांग की है।