नई दिल्ली, 16 अगस्त । भारत में वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी रह रहे विदेशी नागरिकों की जांच के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन विस्टा 1.0 के तहत द्वारका पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने आइवरी कोस्ट के एक नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपित पर पहले भी फॉरेनर्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है। जांच में पता चला कि वह वर्ष 2024 से कोर्ट की कार्रवाई से बच रहा था और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा था।
द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने रविवार काे बताया कि आरोपित की पहचान ओकेचुक्वु जोसेफ के रूप में हुई है। पुलिस उपायुक्त के अनुसार दिल्ली पुलिस आयुक्त के निर्देश पर विदेशी नागरिकों के वीजा और पासपोर्ट की जांच के लिए ऑपरेशन विस्टा 1.0 चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत द्वारका जिले की एंटी नारकोटिक्स सेल को ओवरस्टे करने वाले विदेशी नागरिकों के साथ-साथ आपराधिक मामलों में शामिल विदेशियों का रिकॉर्ड जांचने की जिम्मेदारी दी गई थी।
पुलिस अधिकारी के अनुसार इंस्पेक्टर सतीश कुमार यादव के नेतृत्व में टीम विदेशी नागरिकों की तलाश कर रही थी। तकनीकी निगरानी और मानवीय सूचना के आधार पर टीम ने आरोपित को डाबड़ी थाना क्षेत्र से पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपित से उसके वीजा और पासपोर्ट के बारे में पूछताछ की। इस दौरान उसने वर्ष 2020 में मोहन गार्डन थाने में दर्ज फॉरेनर्स एक्ट के मामले में मिली जमानत के आदेश दिखाए। पुलिस ने जब ई-कोर्ट पोर्टल पर मामले की स्थिति जांची तो पता चला कि अदालत ने 23 फरवरी 2024 के आदेश में आरोपित को भगोड़ा घोषित किया था।
इसके बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब उसके भारत में रहने, वीजा की स्थिति और पुराने मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।