पलामू, 30 अक्टूबर । जिले के ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क बेहतर बनाने की दिशा में सात नई योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। सांसद वीडी राम की अनुशंसा पर वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला योजना अनाबद्ध निधि से जिले के चार प्रखंडों में सात पीसीसी सड़कों का निर्माण कराया जायेगा। इन योजनाओं पर कुल एक करोड़ दो लाख 62 हजार 500 रुपये खर्च किये जायेंगे। स्वीकृति मिलने से संबंधित गांवों के लोगों में बेहतर आवागमन की उम्मीद जगी है।
भाजपा नेता शिव कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि स्वीकृत योजनाओं में पाटन प्रखंड की तीन सड़कें शामिल हैं। कांके खुर्द गांव में आरईओ पथ से पानी प्लांट तक 1100 फीट पीसीसी सड़क का निर्माण 40 लाख छह हजार 400 रुपये की लागत से होगा। पाल्हे खुर्द में राम नरेश शुक्ला के घर से मुरलीधर शुक्ला के घर होते हुए राम स्वरूप शुक्ला के घर तक 700 फीट सड़क बनेगी। इस पर 13 लाख दो हजार 300 रुपये खर्च होंगे। वहीं, धनगाईं गांव में मनहरण शर्मा के खेत से राजकुमार राम के घर तक 500 फीट पीसीसी सड़क का निर्माण नौ लाख 43 हजार 200 रुपये की लागत से कराया जायेगा।
विश्रामपुर प्रखंड के केतार कलां गांव के वार्ड संख्या एक में पीसीसी रोड से पश्चिम की ओर राघवेंद्र चौबे की जनवितरण प्रणाली दुकान होते हुए वीरेंद्र चौबे के घर तक 525 फीट सड़क बनेगी। इस पर नौ लाख 60 हजार 500 रुपये खर्च होंगे। वहीं, केतार गांव में एनएच-75 से वीरेंद्र नाथ चौबे के घर तक 300 फीट पीसीसी सड़क का निर्माण पांच लाख 48 हजार 900 रुपये की लागत से होगा।
सदर मेदिनीनगर प्रखंड की जोड़ पंचायत के खनवां गांव में पीडब्ल्यूडी मुख्य पथ से नंदू महतो के घर होते हुए विश्वकर्मा के घर तक 700 फीट पीसीसी सड़क का निर्माण 16 लाख 31 हजार 100 रुपये की लागत से कराया जायेगा।
वहीं, हुसैनाबाद प्रखंड के घोड़बंधा गांव में नदी किनारे से नेपाली राम के घर तक 625 फीट सड़क बनेगी। इस पर आठ लाख 70 हजार 100 रुपये खर्च होंगे। स्वीकृत सभी सात योजनाओं की निविदा प्रक्रिया शीघ्र ही जिला परिषद के माध्यम से पूरी की जायेगी। निविदा प्रक्रिया संपन्न होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जायेगा। सांसद के निजी सचिव अलग दुबे ने बताया कि पलामू संसदीय क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और सड़क संपर्क बेहतर बनाना सांसद वीडी राम की प्राथमिकता है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सहूलियत होगी और स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।