सीओ, राजस्व उप निरीक्षक और अंचल अमीन की जांच में पाया गया है कि चाहरदीवारी निर्माण स्थल पर जलमीनार, सागवान के दो पेड़, लिपटस और घोड़करंज के एक-एक पेड और जगह जगह झाड़ी मौजूद है। खाली जमीन होने के कारण उससे होकर लोग खेतों में आना जाना करते हैं। एक 10.6 फीट का एक चबुतरा पर झंडा लगा पाया गया है जहां लाभुक समिति के सदस्य और ग्रामीण मुहर्रम के दौरान कर्बला के रूप में उपयोग किए जाने की जानकारी दी। लेकिन उक्त भूमि पर शव दफनाने या कब्रिस्तान होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 37 एकड़ में से 0.80 एकड़ पर घेराबंदी को लेकर विवाद है। स्थलीय जांच करने के क्रम में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। इस कारण विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगा दी गयी है।
लैंड जिहाद बर्दाश्त नहीं : विधायक
सीओ की जांच रिपोर्ट में पकरी गांव में कब्रिस्तान की चाहरदीवारी निर्माण स्थल गैरमजरूआ मालिक जंगल झाड़ी जमीन साबित होने पर पांकी विधायक शशिभूषण मेहता ने कल्याण पदाधिकारी से दो दिनों के भीतर योजना रदद करने को कहा है। पकरी के ग्रामीणों ने सीओ की जांच रिपोर्ट सोमवार को लेस्लीगंज स्थित आवास पर पांकी विधायक को सौंपने पर उन्होंने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। विधायक ने इसे लैंड जिहाद बताया।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कल्याण विभाग को गुमराह करके अवैध तरीके से गैरमजरूआ मालिक ने जंगल झाड़ जमीन को कब्रिस्तान बता दिया और बिना भौतिक सत्यापन के कल्याण पदाधिकारी ने योजना की भी स्वीकृती दे दी।
उन्होंने कहा कि पूर्व की तरह उपरोक्त स्थल को बहाल करने और निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगनी चाहिए अन्यथा वे स्थानीय लोगाें के साथ आन्दोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि मुहर्रम के दौरान जो पारंपरिक कार्य वहां होता है, वही किया जाये। इस पर कोई रोक नहीं है।