कोलंबो, 24 अगस्त । भारतीय विकेटकीपर और बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में सोमवार को शानदार शतक लगाने का जश्न अपने बाइसेप पर बने ‘जय जवान, जय किसान’ टैटू को दिखाकर मनाया। उन्होंने 171 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
‘जय जवान, जय किसान’ का नारा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने 1965 में दिया था। उस समय देश के सामने एक ओर भारत-पाकिस्तान युद्ध की चुनौती थी, तो दूसरी ओर खाद्यान्न की कमी थी। शास्त्री ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक जनसभा के दौरान ‘जय जवान, जय किसान’ नारा दिया था।
इस नारे के जरिए उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ किसानों को खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया था। आज यह नारा भारतीय इतिहास और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जुरेल के पिता नेम चंद भारतीय सेना में हवलदार रह चुके हैं और उन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में हिस्सा लिया था। बाद में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। जुरेल इससे पहले भी अपने पिता के सम्मान में बल्लेबाजी उपलब्धियों का जश्न सैन्य सलामी के अंदाज में मना चुके हैं।
जुरेल ने 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ अपनी अर्धशतकीय पारी के बाद सलामी देने के बारे में कहा था कि यह उनके कारगिल युद्ध में शामिल रहे पिता के लिए था।
उन्होंने बताया था कि उनके पिता ने उनसे कम से कम एक बार सलामी दिखाने की इच्छा जताई थी।
जुरेल श्रीलंका में सातवें या उससे निचले क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि हार्दिक पांड्या ने 2017 में हासिल की थी।
कोलंबो में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया।
मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। देवदत्त पडिक्कल ने भी शतक लगाया, जबकि ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं। जुरेल 296 रन पर पांच विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरे और नाबाद 115 रन बनाकर लौटे। भारत ने नौ विकेट पर 503 रन बनाकर पारी घोषित की।