खूंटी, 25 अगस्त । खूंटी के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मो. जावेद हुसैन की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया, दावे-आपत्तियों के निस्तारण तथा मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने से संबंधित जानकारी दी गई।
बैठक में बताया गया कि नोटिस और दावे-आपत्तियों के निष्पादन के दौरान बीएलओ की ओर से नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति और अन्य संबंधित सूचियों में शामिल मतदाताओं को नोटिस उपलब्ध कराया जाएगा। नोटिस प्राप्त होने पर संबंधित मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। दावे-आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 5 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक निर्धारित है, जबकि प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण 14 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा।
बैठक में पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, मतदाता सूची में दर्ज प्रविष्टियों में आवश्यक सुधार करने और फॉर्म-8 के माध्यम से नाम स्थानांतरण की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। एसआईआर के तहत आवश्यक दस्तावेजों की सांकेतिक सूची में सरकारी या पीएसयू कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के पहचान पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र सहित अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
बैठक में एक परिवार या एक ही घर के मतदाताओं को एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों से भी राजनीतिक प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। उनसे पात्र नागरिकों को सही जानकारी देने और समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में सहयोग की अपील की गई।
उपायुक्त ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक को घबराने की आवश्यकता नहीं है। निर्वाचन कर्मी आवश्यक सहयोग के लिए तत्पर हैं। अधिक जानकारी के लिए निर्वाचन आयोग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।————–