बीजापुर, 25 अगस्त । जिले के स्वास्थ्य विभाग में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) मद से चल रही भर्ती प्रक्रिया काे लेकर बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कलेक्टर को पत्र सौंपकर भर्ती प्रक्रिया में कथित विसंगतियों को दूर करने और जिले के स्थानीय योग्य अभ्यर्थियों को नियमानुसार प्राथमिकता देने की मांग की है।
विधायक का कहना है कि इस प्रक्रिया के चलते एक स्थानीय अभ्यर्थी को न्यूनतम अंक नहीं प्राप्त करने के आधार पर अपात्र कर दिया गया। श्री मंडावी ने कहा कि भर्ती विज्ञापन के दिशा-निर्देशों में कौशल परीक्षा/साक्षात्कार में न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य होने की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के सुदूर क्षेत्र के एक स्थानीय अभ्यर्थी की वांछित योग्यता का प्रतिशत अन्य अभ्यर्थियों से अधिक होने के बावजूद चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं।
कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने पत्र में बताया कि, विज्ञापित पद क्रमांक-2 हॉस्पिटल कंसल्टेंट और पद क्रमांक-3 पब्लिक हेल्थ कंसल्टेंट के लिए अलग-अलग आवेदन मंगाए गए थे। इसके बावजूद दोनों पदों के लिए एक ही कौशल परीक्षा /साक्षात्कार के अंकों को जोड़कर अंतिम वरीयता सूची और चयन सह प्रतीक्षा सूची जारी की गई। विधायक ने कौशल परीक्षा/साक्षात्कार के अंकों को लेकर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि परीक्षा के दिन ही मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिका दिखाने का अवसर दिया जाना चाहिए था। साथ ही, अंकों से असंतुष्ट अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलना चाहिए था उपरोक्त सभी बिन्दुओं पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत डी.एम.एफ. मद से हो रही भर्ती प्रक्रिया निरस्त करते हुए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं कौशल परीक्षा का आयोजन कर स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता प्रदान करने की आवश्यक कार्यवाही करने का आग्रह किया है।