रांची में जालान रोड की चार दुकानों को तोड़ने का नगर निगम का आदेश हाई कोर्ट ने किया रद्द

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रांची, 14 अगस्त । झारखंड उच्च न्यायालय ने रांची नगर निगम की ओर से अपर बाजार के जालान रोड स्थित चार दुकानों को तोड़ने के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए निगम की कार्रवाई का आदेश रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने कहा कि यदि नगर निगम कोई कार्रवाई करना चाहता है तो उसे नियमानुसार आगे बढ़ना होगा।

अदालत ने सुनवाई के दौरान नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि निगम ने ऐसे व्यक्ति के नाम नोटिस जारी किया, जिसकी पहले ही मृत्यु हो चुकी है। अदालत ने यह भी कहा कि नगर निगम को यह जानकारी थी कि संबंधित स्थान पर आठ दुकानें संचालित हैं, इसके बावजूद उन दुकानदारों को नोटिस नहीं दिया गया।

प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता शिल्पी गाड़ोदिया ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा।

मामले के अनुसार, रांची नगर निगम ने जालान रोड स्थित खाली जमीन दो व्यक्तियों को आवंटित की थी। इसके बाद निगम की अनुमति से आठ लोगों ने वहां दुकानें बनाईं और उनका संचालन शुरू किया।

बाद में नगर निगम ने उक्त जमीन को खाली करने का नोटिस जारी किया और दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू करने की बात कही। इसके खिलाफ श्याम लाल अग्रवाल, बाल गोविंद अग्रवाल, सुशील कुमार जालान और अभिषेक अजमेरा ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी।

मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने नगर निगम की ओर से दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई के आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि निगम को भविष्य में कोई कार्रवाई करनी है तो उसे संबंधित नियमों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ना होगा।

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