फुटेज सार्वजनिक की थी। फुटेज में आरोपी दुकान के अंदर आते और बैठते नजर आ रहे हैं।
मुख्य आरोपी सुरेश शोरूम के अंदर बेखौफ अंदाज में स्टूल पर पैर रखकर बैठता और फोन मिलाता
दिख रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी दुकान पर आकर लगातार बदसलूकी और मारपीट/गाली-गलौज
करते थे।
मृतक हैप्पी के छोटे भाई चरणजीत सिंह ने पुलिस को दर्ज करवाई शिकायत
में बताया कि वह रूप नगर 12 क्वार्टर रोड पर रहते हैं। उसके बड़े भाई प्रवीण उर्फ हैप्पी
ने सुरेश कुमार म्हासी उर्फ कालिया गुर्जर (निवासी उत्तम धर्मशाला के पास) से करीब
20 लाख रुपये उधार लिए थे। इसमें से कुछ रुपये वापस भी कर दिए गए थे। आरोप है कि सुरेश
कुमार, उसका भतीजा सोनू और गोलू पिछले करीब 3-4 महीनों से लगातार दुकान पर आकर पैसे
वापस लौटाने के लिए दबाव बना रहे थे। तीन सितंबर को दोपहर करीब एक बजे सुरेश, सोनू
और गोलू की प्रताड़ना, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियों से तंग आकर प्रवीण (हैप्पी)
ने अपने घर पर लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को सिर में गोली मार ली।