मप्रः छतरपुर के लकड़ी फर्नीचर उद्योग को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान, एमएसएमई और ओएनडीसी के बीच हुआ एमओयू

Spread the love

भोपाल, 03 जून । मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लकड़ी फर्नीचर उद्योग को राष्ट्रीय बाज़ार, आधुनिक डिज़ाइन, ब्रांडिंग और निर्यात नेटवर्क से जोड़ने पर केंद्रित मध्य प्रदेश एक जिला-एक उत्पाद प्रगति सम्मेलन 2026 में बुधवार को एमएसएमई विभाग, मध्य प्रदेश एवं ओएनडीसीके बीच एमओयू हुआ।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा आयोजित सम्मेलन में 18 विषय विशेषज्ञों ने अनेक जानकारी साझा की। इस अवसर पर बताया कि एमएसएमई विभाग, मध्य प्रदेश एवं ओएनडीसीके बीच हुआ एमओयू प्रदेश भर के एमएसएमई उद्यमियों और स्टार्ट-अप्स को डिजिटल ई-कॉमर्स नेटवर्क से जोड़ने में सहयोगी सिद्ध होगा और उनके उत्पादों को देशभर में पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

उल्लेखनीय है कि ‘छतरपुर फर्नीचर’ को भारत सरकार द्वारा जीआईटैग प्रदान किया जा चुका है जो लकड़ी के फर्नीचर की शिल्प कला की विशिष्ट पहचान की आधिकारिक स्वीकृति है। सम्मेलन में मुख्यत: अमेजॉन इंडिया, पीपरफ्राय वालमार्ट वृद्धि, ओएनडीसी, बायंग एजेंट एसोसिएशन और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के प्रतिनिधियों ने क्रेता-विक्रेता बैठकों एवं सत्र में भाग लिया। छतरपुर के उद्यमियों को ई-कॉमर्स, निर्यात के अवसर, उत्पाद की पैकेजिंग और बाजार पहुँच संबंधी व्यावहरिक मार्गदर्शन दिया। राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान, वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय वन प्रबंधन संस्थान और फेब इंडिया के विशेषज्ञों ने डिज़ाइन, शिल्प कला और पर्यावरणीय पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

सम्मेलन में छतरपुर के लकड़ी के फर्नीचर को बाजार पहुंच एवं आधुनिक डिजाइन सपोर्ट के लिए छतरपुर फर्नीचर एसोसिएशन ने अमेजॉन इंडिया के साथ एमओयू किये जाने की मौखिक सहमति दी है। प्रस्ताव प्राप्त होने पर विभाग द्वारा यथा संभव सहायता की जाएगी। स्थानीय विधायक ललिता यादव ने छतरपुर में फर्नीचर कलस्टर की स्थापना के लिए प्रयास किए जाने पर जोर दिया। अतिथि और वक्ताओं को स्मृति चिन्ह स्वरूप छतरपुर नक्काशी से प्रेरित लकड़ी पर उकेरा गया विभागीय लोगो से सम्मानित किया गया। सम्मेलन में करीब 200 से अधिक फर्नीचर उद्यमी, कारीगर और संस्थागत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।