कार्यक्रम का आयोजन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद एवं डॉ.
भावना के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. भावना ने किया। मीडिया प्रभारी
प्रो. मनोज कुमार ने बताया कि संचालन के दौरान उन्होंने महावीर सिंह के सैन्य जीवन
और राष्ट्रसेवा के उल्लेखनीय योगदान से विद्यार्थियों को परिचित कराया।
मुख्य वक्ता महावीर सिंह ने शनिवार काे हुए इस कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के दौरान दुर्गम पहाड़ियों, कड़ाके
की ठंड और विषम परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों द्वारा दिखाई गई वीरता का सजीव वर्णन
किया। उन्होंने बताया कि कई-कई दिनों तक भूखे-प्यासे रहकर भी भारतीय जवानों ने अदम्य
साहस और अटूट संकल्प के साथ दुश्मन का मुकाबला किया और विजय हासिल की। उनके द्वारा
सुनाए गए कई मार्मिक प्रसंगों ने सभागार को भावुक कर दिया।
संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों ने कारगिल युद्ध, सेना के जीवन और युद्धकालीन
चुनौतियों से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका महावीर सिंह ने सरल और प्रेरक ढंग से उत्तर
दिया। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, अनुशासित जीवन अपनाने और देश
सेवा के लिए सदैव तैयार रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर एनएसएस के वरिष्ठ स्वयंसेवक अंशुमन के नेतृत्व में स्वयंसेवकों
ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरे परिसर में राष्ट्रप्रेम
का माहौल बन गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. स्नेहलता, विभिन्न विभागों
के शिक्षक, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं तथा एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे। अंत
में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने महावीर सिंह के सम्मान में ओजपूर्ण
कविता का पाठ करते हुए उनका अभिनंदन किया और सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों
व सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।