बीजापुर, 03 जून । जिले में तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनकी मेहनत की कमाई का पैसा मिलना शुरू हो गया है। तेंदूपत्ता सीजन 2026 के तहत, पहले ही दिन वन विभाग ने ऑनलाइन माध्यम से सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में लगभग 12 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिए हैं। इससे ग्रामीणों को कार्यालयाें के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार अभी तक 12,379 संग्राहकों (मजदूरों) के नाम कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में दर्ज किए जा चुके हैं, ताकि उनके बैंक खातों में पैसे भेजे जा सकें। इनमें प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति गुडमा के 1,912 संग्राहकों को 1.95 करोड़ रुपए, कुटरू समिति के 937 संग्राहकों को 1.29 करोड़ रुपए और तोयनार समिति के 961 संग्राहकों को 1.20 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। बरदेला समिति के 1,023 संग्राहकों को 1.11 करोड़ रुपए, संतोषपुर समिति के 917 संग्राहकों को 94 लाख रुपए, भैरमगढ़ के 1,045 संग्राहकों को 71 लाख रुपए, माटवाड़ा समिति के 996 संग्राहकों को 84 लाख रुपए, कोडोली समिति के 957 संग्राहकों को 73 लाख रुपए और नैमेड़ समिति के 556 संग्राहकों को 55 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। भद्रकाली समिति के 201 संग्राहकों को 23 लाख रुपए और चेरपाल समिति के 372 संग्राहकों को 20 लाख रुपए की राशि भी उनके खातों में भेजी गई है।
जिले की 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 45 लॉटों में काम हुआ। जिले में तेंदूपत्ता का कुल संग्राहक 40,716 ग्रामीणों ने तेंदूपत्ता इकट्ठा किया। कुल संग्रहण लगभग 65,430 मानक बोरा तेंदूपत्ता जमा किया गया। इस बार शासन द्वारा 5,500 प्रति मानक बोरा की दर तय की गई है। सभी संग्राहकों को मिलाकर कुल 35.99 करोड़ का पारिश्रमिक (भुगतान) किया जाना है। वन विभाग के अनुसार बाकी समितियों में भी ऑनलाइन एंट्री का काम जारी है। विभाग ने बताया कि जल्द ही सभी संग्राहकों के खातों में पारिश्रमिक राशि पहुंचा दी जाएगी। तेंदूपत्ता बिक्री से मिले इस राशि का उपयोग ग्रामीण परिवार खेती-किसानी, घरेलू जरूरतों और अन्य आवश्यक कार्यों में करते हैं। मानसून से पहले यह भुगतान ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।