जबलपुर, 26 सितंबर । मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में पनागर थाना क्षेत्र के ग्राम केवलारी में सूने मकान का ताला तोड़कर करीब 45 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर चोरी करने के मामले का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया है।
पुलिस ने वारदात में शामिल ऑटो चालक आशीष चौबे, उसके भाई अभिषेक उर्फ गुड्डू चौबे और पत्नी ज्योति चौबे को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 30 तोला सोने के जेवर, चांदी के आभूषण, घटना में प्रयुक्त ऑटो और सब्बल बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम लमती निवासी गगन शर्मा 13 सितंबर को अपनी पत्नी की बड़ी बहन, जो धार निवासी हैं, को छोड़ने परिवार के साथ रेलवे स्टेशन गए थे। इसके बाद पूरा परिवार वत्सला पैराडाइस कृषि उपज मंडी के पास स्थित माता-पिता के घर रुक गया। इसी दौरान चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाया।
पड़ोसी राजेंद्र सोनी ने गगन शर्मा को घर में चोरी होने की सूचना दी। मौके पर पहुंचे गगन ने देखा कि घर के सामने शटर का ताला टूटा हुआ था। किचन के पास ग्रिल के गेट का कुंदा भी टूटा मिला। अंदर दो आलमारियों के लॉक टूटे हुए थे और उनमें रखे सोने-चांदी के जेवर गायब थे।
चोरी गए सामान में मंगलसूत्र, कंगन, हार, झुमकी, टॉप्स, अंगूठियां, चेन, लॉकेट, ब्रेसलेट, हाथफूल सहित बड़ी संख्या में सोने और चांदी के आभूषण शामिल थे।
पुलिस ने जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में पनागर के जियो पेट्रोल पंप के पास एक नीले रंग का ऑटो संदिग्ध हालत में खड़ा दिखाई दिया। ऑटो रात करीब 1:04 बजे गगन शर्मा के घर के सामने पहुंचा था। फुटेज में घर के पास टॉर्च की रोशनी भी दिखाई दी।
पुलिस ने ऑटो की पहचान की तो उस पर कैप्री गोल्ड लोन का विज्ञापन लगा हुआ हुड मिला। जांच में पता चला कि ऑटो ग्राम केवलारी निवासी आशीष चौबे का है, हालांकि वाहन उसके साले दुर्गेश तिवारी निवासी गोसलपुर के नाम पर पंजीकृत था।
पुलिस जब आशीष चौबे के घर पहुंची तो वह और उसका भाई अभिषेक दोनों फरार मिले। पूछताछ में पता चला कि आशीष गाडरवारा और अभिषेक बिहार गया हुआ है। पुलिस ने अभिषेक के बिहार से लौटते ही दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
इसी दौरान आशीष अस्पताल में भर्ती था, लेकिन पुलिस को इसकी भनक लगते ही वह अस्पताल से फरार हो गया। बाद में वह अपनी बहन के घर से लौटा, जहां पुलिस ने दबिश देकर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आशीष की पत्नी ज्योति ने पुलिस को चोरी के जेवर के संबंध में जानकारी दी। उसने बताया कि चोरी की एक-एक चेन आशीष और अभिषेक ने अपने पास रखी थी, जबकि बाकी जेवर घर में छिपाकर रखे गए थे। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घर में छिपाकर रखे जेवर बरामद कर लिए।
पूछताछ में आशीष ने पुलिस को बताया कि उसने अपने भाई अभिषेक के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मंगलसूत्र, हार, छह कंगन, तीन चेन, दो जोड़ी झुमकी, दो जोड़ी कान की बालियां, तीन जोड़ी सोने के टॉप्स, हाथफूल-ब्रेसलेट सेट, लॉकेट, अंगूठियां, नाक की लौंग, गुरिया सहित करीब 30 तोला सोने के जेवर बरामद किए हैं। इसके अलावा चांदी की हाय, बिछिया, सिक्का, गणेश प्रतिमा, मूंगा माला, पीतल के लोटे और गिलास सहित अन्य सामान भी मिला है।
बरामद जेवरों की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त ऑटो, सब्बल और ऑटो का हुड भी जब्त किया है। तीनों आरोपियों को प्रकरण में विधिवत गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी आशीष चौबे के खिलाफ पूर्व में मारपीट, चोरी और एक्सीडेंट से संबंधित चार अपराध दर्ज हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी के जेवर बरामद करने में पनागर थाना प्रभारी डीएसपी विपिन सिंह के निर्देशन में सहायक उप निरीक्षक मुकेश कुमार उपाध्याय, प्रधान आरक्षक मनीष कुमार एवं अजीत पटेल, आरक्षक राहुल अहिरवार, ऋषि रोहित, नवनीत सोनी और महिला आरक्षक मीना सुमन की सराहनीय भूमिका रही।