मंडी, 14 अगस्त । भाजपा के विधायक दलीप ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले बड़े वादे किए थे। लेकिन सत्ता में आने के बाद जनता को राहत देने के बजाय नए-नए टैक्स और सेस लगाए जा रहे हैं। दलीप ठाकुर ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में ईंधन की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ वाहन मालिकों पर नहीं पड़ता। बल्कि किसान, बागवान, ट्रांसपोर्टर, टैक्सी चालक, दुकानदार, मजदूर और आम परिवारों पर पड़ता है। डीजल महंगा होने से ढुलाई, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो जाती हैं।
उन्होंने बताया कि जनवरी 2023 में डीजल पर वैट 4.40 से बढ़ाकर 7.40 रूपए प्रति लीटर किया गया था। इसके बाद जुलाई 2023 में इसे बढ़ाकर 10.40 रूपए प्रति लीटर कर दिया गया। दलीप ठाकुर ने कहा कि अब 2026 में सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर ‘अनाथ एवं विधवा सेस’ के नाम पर नया बोझ डाल दिया है। इसके तहत सरकार को अधिकतम पांच रूपए प्रति लीटर तक सेस लगाने का अधिकार दिया गया है। फिलहाल 60 पैसे प्रति लीटर सेस 11 अगस्त की रात से लागू कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार भले ही इसे कल्याणकारी योजना के लिए जरूरी बताए, लेकिन सवाल यह है कि इसका बोझ हमेशा आम जनता पर ही क्यों डाला जाता है। पहले से ही किसान, बागवान और छोटे व्यापारी महंगाई से परेशान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल में पेट्रोल और डीजल पर पहले से ही ऊंचा वैट लागू है, ऐसे में लगातार बढ़ते टैक्स से जनता को कोई राहत नहीं मिल रही है। दलीप ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में लोग पहले ही बिजली, पानी, परिवहन और अन्य खर्चों से परेशान हैं। ऐसे में नए टैक्स आम आदमी पर और बोझ डाल रहे हैं।