हथियार डीलर संजय भंडारी की अन्य संपत्तियों को जब्त करने के मामले में कोर्ट ने सुनीं आंशिक दलीलें

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नई दिल्ली, 22 अगस्त । राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लांड्रिंग मामले में भगोड़ा घोषित करार दिए गए हथियार डीलर संजय भंडारी की कुछ और संपत्तियों को जब्त करने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मांग पर शनिवार काे ईडी और संजय भंडारी की ओर से आंशिक दलीलें सुनी। स्पेशल जज संजय जिंदल ने मामले की अगली सुनवाई 26 सितंबर को करने का आदेश दिया।

कोर्ट ने 5 मई को संजय भंडारी की कुछ संपत्तियों को जब्त करने की इजाजत दे दी थी। 5 जुलाई, 2025 को कोर्ट ने संजय भंडारी को मनी लांड्रिंग मामले में भगोड़ा घोषित कर दिया था। ईडी की ओर से कहा गया था कि संजय भंडारी की भारत, दुबई और ब्रिटेन में बेनामी संपत्तियां हैं। दिल्ली के वसंत विहार, पंचशील शॉपिंग कांप्लेक्स और शाहपुर जाट के अलावा नोएडा और गुरुग्राम में भी बेनामी संपत्तियां हैं। इसके अलावा कई बैंक खाते संजय भंडारी की पत्नी के नाम से है। ईडी ने कहा था कि संजय भंडारी के पास 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। कोर्ट के इस फैसले का संजय भंडारी की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है जो अभी लंबित है।

कोर्ट ने दिसंबर, 2023 में ईडी की ओर से संजय भंडारी के खिलाफ दाखिल पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। पूरक चार्जशीट में संयुक्त अरब अमीरात के बिजनेसमैन सीसी थम्पी और ब्रिटेन स्थित व्यवसायी सुमित चड्ढा का नाम शामिल किया है। उनमें से संजय भंडारी कथित तौर पर कांग्रेस प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के करीबी सहयोगी हैं। ईडी के मुताबिक उसने सुमित चड्ढा और उनकी पत्नी को समन जारी किया था लेकिन दोनों जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए।

ईडी के चार्जशीट में कहा गया है कि यूपीए के शासनकाल में भंडारी ने कमीशन लिया और लंदन में संपत्ति खरीदी जिसके लाभार्थी मालिक रॉबर्ट वाड्रा हैं। रॉबर्ट वाड्रा ने ईडी के आरोपों को गलत बताया था।

इस मामले में पहले ईडी ने हथियार डीलर संजय भंडारी के मनी लाउंड्रिंग मामले में दक्षिण दिल्ली में पंचशील पार्क में पंचशील शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में स्थित संपत्ति को कब्जे में लिया था जो कि एसबी हॉस्पिटेलिटी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर रजिस्टर्ड कराया गया है। ईडी ने 2017 में भंडारी और दूसरे आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।