कैथल: रात में कचरा उठाने पहुंचे प्रशासन को सफाई कर्मियों ने घेरा, जताया विरोध

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कैथल, 30 अगस्त । शहर में 25 दिन से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच शनिवार रात ढांड रोड पर कचरा उठाने पहुंची प्रशासन की टीम को कर्मचारियों के विरोध के चलते वापस लौटना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल, जेसीबी और डंपर लेकर मौके पर पहुंचे थे। टीम ने कचरा उठाना शुरू किया और एक डंपर भर ही पाया था कि सफाई कर्मचारियों को इसकी सूचना मिल गई। बड़ी संख्या में कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और कचरा उठाने का विरोध शुरू कर दिया।

सफाई कर्मचारी कचरे के ढेर पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कचरा उठाने से रोक दिया। पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने और पीछे हटाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। काफी देर तक चले विरोध के बाद प्रशासनिक टीम को बिना कचरा उठाए वापस लौटना पड़ा। इसके बाद ढांड रोड पर कचरे का ढेर जस का तस पड़ा रहा।

सफाई कर्मचारी यूनियन के राज्य संगठनकर्ता शिव चरण ने कहा कि प्रशासन को कचरा उठाने के लिए कर्मचारियों के विरोध को दबाने के बजाय उनकी मांगों का समाधान करवाने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होते ही कर्मचारी खुद सफाई व्यवस्था संभाल लेंगे।

उन्होंने बताया कि रोहतक में हुई राज्य कार्यकारिणी की बैठक में हड़ताल को तीन दिन और बढ़ाने का फैसला लिया गया है। अब सफाई कर्मचारियों की हड़ताल दाे सितंबर तक जारी रहेगी। सफाई व्यवस्था ठप होने का असर अब शहर की सड़कों और बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है। करनाल रोड, न्यू करनाल रोड, ढांड रोड, पुराना बस अड्डा रोड, अंबाला रोड, कमेटी चौक, रेलवे गेट और खनौरी बाइपास समेत कई प्रमुख मार्गों पर कचरे के ढेर लगे हैं। कॉलोनियों में घरों के बाहर भी कचरा जमा होने लगा है।

बताया जा रहा है कि 25 दिन से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण पूरे जिले में करीब तीन हजार टन कचरा जमा हो चुका है। अकेले कैथल शहर में प्रतिदिन करीब 100 से 120 टन कचरा निकलता है। बाजारों और शिक्षण संस्थानों के आसपास भी गंदगी जमा होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

जिला पालिका आयुक्त कपिल शर्मा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल राज्य स्तर पर चल रही है। प्रशासन का प्रयास है कि कैथल में कचरा उठाने को लेकर किसी तरह का विवाद न हो। कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नप कार्यालय में कर्मचारियों को ड्यूटी पर रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।