रोजगार के मुद्दे पर भाजपा का हिमाचल विधानसभा परिसर में प्रदर्शन, मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया पलटवार

Spread the love

शिमला, 21 अगस्त । हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही रोजगार के मुद्दे पर सियासत गरमा गई। भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। विपक्ष के इस प्रदर्शन में प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने का मुद्दा प्रमुख रहा।

भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार उन वादों को पूरा नहीं कर सकी है। विपक्ष ने कहा कि बेरोजगारी हिमाचल के युवाओं से जुड़ा बड़ा मुद्दा है और सरकार को इस पर विधानसभा में जवाब देना चाहिए।

भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पांच लाख नौकरियां देने के वादे के साथ सत्ता में आई थी। उन्होंने दावा किया कि सरकार अब तक प्रदेश के युवाओं को कुछ हजार नौकरियां ही दे सकी है।

रणधीर शर्मा ने सरकार पर बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने विधानसभा में नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। विपक्ष चाहता है कि सदन का पूरा तय कामकाज रोककर रोजगार के मुद्दे पर चर्चा करवाई जाए।

भाजपा के इस प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष का विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है और विरोध जताना विपक्ष का दायित्व है। हालांकि मुख्यमंत्री ने भाजपा के प्रदर्शन को उसकी आंतरिक राजनीति से जोड़ते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक अपनी पार्टी की आंतरिक कलह के चलते प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता केवल दिखावे के लिए और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की नजरों में बने रहने के लिए विरोध प्रदर्शन करते हैं।