नई दिल्ली, 01 सितंबर । सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम की मालिक कंपनी मेटा ने कहा है कि श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी का फेसबुक पेज सरकार से मिले नोटिस के बाद ब्लॉक किया गया था। मेटा ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को इसकी सूचना दी। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने मेटा को सरकार का संबंधित नोटिस दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 20 सितंबर को होगी।
सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से पेश वकील ने कहा कि सांसद मेहदी के फेसबुक अकाउंट को लेकर सरकार की ओर से ब्लॉक करने का नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद उनका फेसबुक अकाउंट ब्लॉक किया गया। इस पर सांसद मेहदी की ओर से पेश वकील ने कहा कि उन्हें ये नहीं बताया गया कि किस आपत्तिजनक पोस्ट की वजह से उनका फेसबुक अकाउंट ब्लॉक करने का आदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि मेहदी एक सांसद और धार्मिक नेता हैं। तब उच्च न्यायालय ने मेटा से कहा कि वो सरकार का आदेश कोर्ट में दाखिल करें।
मेहदी श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र से नेशनल कांफ्रेंस के सांसद हैं। मेहदी ने याचिका दायर कर कहा है कि जब उन्होंने 3 मार्च को अपने फेसबुक पेज को एक्सेस करने की कोशिश की, तो वे एक्सेस नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि न तो फेसबुक की मालिक कंपनी मेटा ने और न ही सरकार ने वो आदेश दिखाया कि किन वजहों से उनके फेसबुक पेज को ब्लॉक किया गया। यहां तक कि सांसद मेहदी को अपनी बात रखने का भी मौका नहीं दिया गया।
याचिका में कहा गया है कि आईटी एक्ट की धारा 79(3)(बी) किसी सोशल मीडिया अकाउंट को बिना कोई वजह बताए पूरी तरह बंद करने का आदेश नहीं दिया जा सकता है। आईटी एक्ट रुल्स के तहत आपत्तिजनक कंटेंट को बताए बिना किसी सोशल मीडिया अकाउंट को ब्लॉक नहीं किया जा सकता है। याचिका में कहा गया है कि फेसबुक अकाउंट ब्लॉक करने का फैसला संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(ए) के तहत मिले संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।