रांची, 16 जुलाई । नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 14 से 17 जुलाई तक आयोजित ‘भारत टेक्स 2026’ में झारखंड पवेलियन में प्रदर्शित बांस से निर्मित स्टील बोतल और मग देश-विदेश से आए आगंतुकों, खरीदारों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पारंपरिक बांस शिल्प को आधुनिक तकनीक और उपयोगिता से जोड़कर तैयार किए गए ये उत्पाद पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से गुरुवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा स्थित अनजनेया बांस क्लस्टर द्वारा निर्मित इन उत्पादों ने अपनी गुणवत्ता, आकर्षक डिजाइन और उपयोगिता के कारण लोगों का ध्यान खींचा है। बांस और स्टेनलेस स्टील से बनी बोतल गर्म एवं ठंडे पेय का तापमान 12 से 14 घंटे तक बनाए रखने में सक्षम है, जबकि बांस, स्टेनलेस स्टील और फूड-ग्रेड प्लास्टिक (ढक्कन) से तैयार मग 3 से 4 घंटे तक पेय का तापमान सुरक्षित रखता है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि ‘भारत टेक्स 2026’ जैसे वैश्विक मंच पर झारखंड ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अपनी अवधारणा को साकार कर रहा है। तसर सिल्क, जीआई टैग उत्पादों, हस्तकरघा, हस्तशिल्प और बांस आधारित नवाचारों के माध्यम से राज्य वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। अनजनेया बांस क्लस्टर जैसे उद्यम स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाने के साथ-साथ झारखंड के उत्पादों को नए निर्यात अवसरों से भी जोड़ रहे हैं।
अनजनेया बांस क्लस्टर आधुनिक डिजाइन और अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से झारखंड की समृद्ध बांस शिल्प परंपरा को नई पहचान दे रहा है। क्लस्टर बांस से सजावटी उत्पाद, फर्नीचर और लाइफस्टाइल उत्पादों का निर्माण करता है। साथ ही लेजर कटिंग, लेजर एनग्रेविंग, सीएनसी राउटिंग तथा कस्टमाइज्ड डिजाइन समाधान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
‘भारत टेक्स 2026’ में 130 से अधिक देशों के 6,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और 1.3 लाख से अधिक व्यापारिक आगंतुकों की भागीदारी झारखंड के एमएसएमई, कारीगरों और उद्यमियों के लिए वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रही है। इससे राज्य के हस्तशिल्प आधारित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने के साथ-साथ निर्यात और निवेश की नई संभावनाओं को भी बल मिल रहा है। ————-