श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मनाया गया भगवान वामन प्राकट्योत्सव

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मथुरा, 23 सितम्बर । श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भाद्रपद शुक्ल द्वादशी के पावन अवसर पर भगवान विष्णु के पंचम अवतार भगवान वामन का प्राकट्योत्सव बुधवार को पूरी श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर विराजमान ठाकुर श्रीकेशवदेव ने भगवान वामन के मनोहारी स्वरूप में भक्तों को अलौकिक दर्शन दिए।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा-संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान वामन ने कश्यप ऋषि और माता अदिति के पुत्र के रूप में अवतार लेकर भक्तराज बलि का उद्धार किया था। उनका यह प्राकट्य विनम्रता, धर्म और मर्यादा की स्थापना का एक दिव्य संदेश देता है। प्राकट्योत्सव के पावन अवसर पर सुबह 8 बजे उद्दाम हरिनाम संकीर्तन और मंगल वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच भगवान वामन की विशेष प्राकट्य आरती और महाभिषेक संपन्न हुआ। अभिषेक के पश्चात भगवान वामन का पीले पुष्पों (पीत पुष्पों) से विशेष अर्चन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा जन्मभूमि परिसर भक्तिमय हो उठा, जहां बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच वृहद मात्रा में हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। इसके साथ ही एक विशाल प्रसादी भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूजन के दौरान जगत-कल्याण और उपस्थित सभी भक्तों के मनोरथ सिद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की गई।