राजगढ़, 17 मई । मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्यभारत प्रांत द्वारा आयोजित 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग (व्यवसायी प्रशिक्षण वर्ग) का शुभारंभ शनिवार को सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में हुआ। मध्यभारत प्रांत के 32 जिलों से लगभग 200 व्यवसायी स्वयंसेवक इसमें भाग ले रहे हैं। यह प्रशिक्षण शारीरिक, बौद्धिक, भावनात्मक और व्यक्तित्व विकास के समग्र निर्माण पर केंद्रित है।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। मंच पर वर्ग सर्वाधिकारी योगेश गौतम, प्रांत सह संघचालक डॉ. राजेश सेठी, वर्ग कार्यवाह कदमसिंह मीणा और सह प्रांत प्रचारक सुरेंद्रसिंह उपस्थित रहे। सभी ने राष्ट्र निर्माण एवं संगठन सुदृढ़ीकरण के संकल्प के साथ वर्ग का शुभारंभ किया। स्वयंसेवकों का दिन सुबह 5 बजे शुरू होकर रात 10ः30 बजे समाप्त होता है। दिनभर योग, व्यायाम, खेल, समूह चर्चा, प्रार्थना, गीत, बौद्धिक सत्र, शाखा पद्धति और व्यक्तित्व विकास गतिविधियाँ संचालित होती हैं। वर्ग में 15 दिनों तक प्रतिभागी पूर्ण अनुशासन की जीवनशैली का पालन करेंगे।
रविवार को मुख्य वक्ता डॉ. राजेश सेठी ने कहा कि यह वर्ग केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, वैचारिक स्पष्टता और राष्ट्रभावना को मजबूत करने का केंद्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शारीरिक क्षमता के साथ बौद्धिक एवं भावनात्मक विकास भी आवश्यक है। उन्होंने “राष्ट्र प्रथम” की भावना को जीवन का मूल भाव बताते हुए कहा कि संघ की कार्यपद्धति वैज्ञानिक और अनुशासित है, जो भारत को श्रेष्ठता की ओर ले जा सकती है। अपने उद्बोधन में उन्होंने हिंदुत्व की “विविधता में एकता” वाली अवधारणा पर प्रकाश डाला। भारत में विचारों की स्वतंत्रता को भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत अपनी सांस्कृतिक शक्ति के आधार पर विश्व को दिशा दे सकता है। 15 दिवसीय वर्ग के अंत में प्रकट कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें आम नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा। इस आयोजन से ब्यावरा क्षेत्र संगठनात्मक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया है।