के लिए दिल्ली जा रहे थे। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को इस तरह रोकना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी
बड़ी संख्या में युवा मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग को लेकर कई घंटे तक सड़क पर बैठे
करीब नौ घंटे तक थाने में रखने के बाद दोपहर को पुलिस ने सभी 28 युवाओं को
छोड़ दिया। युवाओं की रिहाई के बाद थाने में प्रस्तावित धरना और आंदोलन भी सामाजिक